फ़कत ये सोच कर तुझसे मोहब्बत की सनम हमनें
मेरा तो कोई नहीं लेकिन खरा आशना हो तेरा जगमें
पाकर एहले वफ़ा तुझसा मुझको लगने लगा है ये
जहाँ के ऐबो रंजिश में ख़ुदा को पा लिया तुझमें
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