बरसों से इंतज़ार जिसका तू वो मन्नत पुरानी ख़ुदा की दिलकश रहमत है ये तेरी नादानी बेजा हैं सारी रुकावट और ज़माने की बंदिशें पार वक़्त के भी चलेगी ये तेरी मेरी कहानी
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