इन आँखों ने देखें हैं हसीं चेहरे बहोत पहोच इश्क़ की गलियों में हैं गेहरे बहोत जवानी ख़ाक की दीवाने ने इसी मोहल्ले में दिल के दर पर हैं इसके दर्द के पेहरे बहोत
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