Friday, 1 June 2018

तारीख़े

भूल जाऊँ जो तारीखें तो लम्हें याद रखता हूँ
तुझसे मिलने की चाहत को सदा आबाद रखता हूँ
तैरता शौक़ से हूँ  मैं उल्फ़त के समंदर में
नौबत में डूबने की तुझसा किनारा साथ रखता हूँ

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