भूल जाऊँ जो तारीखें तो लम्हें याद रखता हूँ तुझसे मिलने की चाहत को सदा आबाद रखता हूँ तैरता शौक़ से हूँ मैं उल्फ़त के समंदर में नौबत में डूबने की तुझसा किनारा साथ रखता हूँ
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