तेरे शहर में तेरे आशिक़ को शुमार कर दे आज हर दिल में प्यार तू मेरे यार भर दे है गुज़ारिश मेरी तुझसे एक और दिलबर तेरे जहाँ मे तू हर ख़ुशी बेशुमार भर दे
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