फ़क्र है वक़्त को मेरे सनम तुझमे तबाह होना देख नादानी में तेरा बिगड़ कर सुर्ख सा होना पीर समझे सारी मेरी बिन कहे मेरे हमदम आँखें मेरी हों इशरत लबों का तेरे खिलौना
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