तेरा हर आशिक़ अपनी जवानी तेरे नाम कर गया जिसे देखा दोबारा मुड़कर वो बस ख़ुशी से मर गया अफ़वाह थी ज़माने में कि तुझे मुझसे मोहब्बत है तेरा हाँ में हर झुकाना मुझे बदनाम कर गया
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