हुआ करती थी कभी वफ़ा भी उसकी सांसो में चाहत वस्ल-ओ-उन्स की थी मेरी भी आंखों में जलाई रात सारि दीवाने ने अरमानो की चिता बहक कर एक हसीना की मीठी सी बातो में
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