ईमान तू इब्राहिम का इस्माइल की क़ुर्बानी है
नेमत है तू अल्लाह की इबलिस की नाफ़रमानी है
आशिक़ तू है राधा सी मेरी यार तू रहमानी है
न फना कर सके वक़्त जिसे एक ऐसी प्रेम कहानी है
No comments:
Post a Comment