तुझमे खोकर ही मैंने ख़ुदको पाया है तू मेरी क़ाबिलियात का नायाब साया है तू मिली तो मिला मेरे अल्फाज़ो को मायना तेरा अक्स मेरी बिखरती रूह में समाया है
No comments:
Post a Comment