इस जहाँ में मेरा कोई न तुझसा क़रीब मेरे फन की मसि तू ही मेरी हबीब जान जाती रहे बर्क़ मुझपर गिरे ढूंढ लाए अगर कोई मुझसा रक़ीब
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