क्या हुई थी तुझे पहली दफा देखकर वो दिल में आहटें न पूछ पाने को तेरा साथ की कितनी कोशिशें वो मिन्नतें न पूछ पूछा न कभी मैंने खुदके नाज़र्नादज़ होने का सबब कभी तुझसे तूभी अब मेरी बातों में तेरे गुमनाम होने की वजह न पूछ।
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