तेरी साँसों को मेरी साँसों में पिघल जाने दे
मेरे लबों को तेरे जिस्म पर फ़िसल जाने दे
कुतरते हुए नर्म तेरे गालों को
तेरे सीने में दबी आह को निकल जाने दे
सलीके से खेलकर तेरी ज़ुल्फों से
मेरे शोख़ मासूम इरादों को मचल जाने दे
नाभी पर बर्फ़ रखकर जहाँ चूमकर ठहरूँ
तेरी कमर को सर्द शिद्दत से थिरक जाने दे
मेरी मोहब्बत में तेरी तड़प की आग से
तेरे मोम से बदन को पिघल जाने दे
मदहोश कर दे तेरी रूह को सरसराहट से
यूँ मुझको तेरी रूह में उतर जाने दे
कुंदन से तेरे बदन की नायाब बनावट को
मेरे वस्ल की तपिश में निखर जाने दे
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