क़ब्रगाह पर मेरी सभी को आशियाना मिला थकी रूह को मेरी बस तेरा ठिकाना मिला टूटकर बिखर गया होता मैं अदना सा कबका ये ख़ुशनसीबी मेरी की मुझको तेरा सहारा मिला
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