तू चाह कर भी मुझको भुला न पाएगा साथ बिताया हर लम्हा तुझे याद आएगा बेदख़ल दिल से तूने मुझको कर दिया लेकिन मेरी वफ़ा की झूठी क़स्मे अब कैसे खाएगा
No comments:
Post a Comment