तेरी यादों का लिए पुलिंदा बेक़रार बैठे हैं एक अरसे से हम तेरे तलबगार बैठे हैं सितम है सनम तेरा हमसे ख़फ़ा होना तेरी चाहत में हम करके जाँनिसार बैठे हैं
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