उसकी शिक़ायत है कि मैं हद से गुज़र गया
कैसे कहूँ की मैं इश्क़ में उसके बिगड़ गया
कैसे कहूँ की मैं इश्क़ में उसके बिगड़ गया
जले जब धूप में तलवे तो मैंने ये सोचा
जिसका साया था मुझपर वो दोस्त किधर गया !
जिसका साया था मुझपर वो दोस्त किधर गया !
पूछा जब मौत नें मेरा पता उससे
बेझिझक कहा उसने की "वो उधर गया"
बेझिझक कहा उसने की "वो उधर गया"
माँगे जब ख़ुदा से वो पुराने लम्हें मैंने
उसकी ओर देखकर वो मुझसे मुकर गया
उसकी ओर देखकर वो मुझसे मुकर गया
एक अरसा हुआ दोस्तों उसकी सूरत देखे
कोई यहाँ था जो अब मुझसे बिछड़ गया
कोई यहाँ था जो अब मुझसे बिछड़ गया
Wah bhai gazab hai..👌👌👌👌
ReplyDeleteशुक्रिया
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