तुझे याद किये बग़ैर तुझे भुलाऊँ तो कैसे इस भीड़ में अपनी तन्हाई को छुपाऊँ तो कैसे 'वो सब वहम था मेरा' ये सच तो है लेकिन नादान दिल को मेरे ये बात समझाऊँ तो कैसे
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