मेरी गुस्ताखियों का इस तरह जवाब दिया उसने बाहों में भर कर होंठों से दबा दिया उसने ज़ाहिर न कर सके जिस्म वस्ल के राज़ कोई इस क़दर मुझे ख़ुदमें छिपा लिया उसने
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