Thursday, 10 May 2018

शोखियाँ

तेरी शोखियों का साहिब हिसाब नहीं मिलता
तेरी सूरत न हो ऐसा कोई ख़्वाब नहीं मिलता
तू राज़ है अनदेखा मेरी तिशनगी का
तेरी नज़रों का मुक़ाबिल कोई शराब नहीं मिलता

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