Monday, 5 February 2024

ज़मानी

मैं इस ज़माने में, ज़मानी न बन सका

इश्क़ मेरा, दिल्लगी सा, फ़ानी न बन सका

तू सुनाए मजमे में, अपनी सहेलियों को

मैं चाह कर भी, ऐसी कहानी न बन सका

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