Monday, 17 October 2022

वजह

न पूछ मेरी बेरुख़ी की वजह, 
मेरे यार मैं कुछ कहूंगा नहीं

न देख सवाली निगाह से मुझे, 
मेरे दोस्त मैं सह सकूंगा नहीं

तेरे पहलू में ही बैठा रहा वो शख़्स, 
जिसे कभी अपना कहा था तुमने

जिस सोहबत में मिलती तवज्जोह नहीं, 
ऐसी रफ़ाक़त में 'निसार' मैं रहूंगा नहीं

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