इश्क़ का तूफ़ान ख़ामोशी से टल जाए जान ही तो है आज नहीं तो कल जाए मेरी टूटती साँस ये सवाल न कर बैठे तुझसे दिल से गए क्या दुनिया से भी निकल जाएँ ?
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