मेरी हर रात मुझे यही नग़में सुनाती है तू मेरे साथ मेरे ख्वाबों को रुलाती है बंद कर दिए सभी दरवाज़े दिल के मैंने पर दरारों से तेरी याद आ ही जाती है
No comments:
Post a Comment