Tuesday, 23 October 2018

दरार

मेरी हर रात मुझे यही नग़में सुनाती है
तू मेरे साथ मेरे ख्वाबों को रुलाती है
बंद कर दिए सभी दरवाज़े दिल के मैंने
पर दरारों से तेरी याद आ ही जाती है

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