Friday, 14 February 2025

गाह

मेरे दिल में, अज़ली गाह मुबारक़ हो
तुझे सारी ख़ुशियाँ, अथाह मुबारक़ हों

हसीं चहरे की, चमक मुबारक़ हो
तुझे, मेरी पिहू, ये सालगिराह मुबारक़ हो

थके पाँव, तीखे नाख़ून, आतिशीं सदा 
तुझको, उजली सीरत, आँखें स्याह मुबारक़ हो

भँवर सा रुख़, ज़ोहरा-जबीं, मेरी सजनी तुझे
नम होठों की जगह, ये अक़दाह मुबारक़ हो

काम कमान भवें,ये लहरों सी पलकें तेरी
मुझे ऐ 'निसार' तेरी बाँह, सारे गुनाह मुबारक़ हो

No comments:

Post a Comment