छू लूँ जो तुझे तो कुलसुम रहना
हाँ, अपने आप में तू मकतुम रहना
मैं चलूँ साथ, तो ख़ुश रहना तू
मुझे पास न पा, गुमसुम रहना
मैं क़मर सा, शब भर देखूँ तुझे
मेरी आसमाँ कि, अंजुम रहना
माँग बन, हर दोशीज़ा का तू
हर दुल्हन का, कुमकुम रहना
एक बूँद इश्क़, कर 'निसार' दामन पे
रंग ज़ीस्त, रंगरेज़ मेरे हमदम रहना
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