ख़ूबसूरत मेरी कमज़ोरी वो मेरी ज़रूरत है प्यारी सी शाज़ मेरी मेरे हुनर की मूरत है उससे मिलना और मिलकर बिछड़ना भी ग़मगीन ही सही पर मेरी ज़ाती मुहूरत है
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